व्यवस्था सहयोग

  • हरिद्वार महाकुम्भ के क्षेत्र में शिविर के लिए खुली भूमि मिलती है। उसमें रहने के लिए झोंपड़ी, टेंट या कमरे बनाने पड़ते हैं। उनमें प्रचुर व्यय होता है। इस बार शिविर को ध्यान में रखते हुए आपका समय नष्ट न हो इस लिए हर कमरे या टेंट के साथ बाथरूम अटैच करना चाहते हैं।
  • जलपान, भोजनादि भी व्ययसाध्य ही है।
  • पुण्य-क्षेत्र में अपने पुण्य एवं धर्म के संरक्षण के लिए यथाशक्ति आत्मनिर्भार रहना ही ठीक है।
  • सहयोग राधि देने का एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है और अपना मन प्रवास के लिए तैयार रहता है।
  • सपत्नीक व्यवस्था सहयोग दो माह के लिए ₨ 5100/- (इक्यावन सौ) तथा एक व्यक्ति ₨ 3100/- (इक्तीस सौ) है। यह पूरे शिविर (दो माह) के लिए ही होगा।
  • सहयोग राशि देकर रसीद अवश्य प्राप्त करे। आते समय उसे साथ लायें।
  • यह व्यवस्था सहयोग साशि कुम्भ व्यय भार से काफी कम है, इसलिए जो लोग अधिक सहयोग कर सकते हैं स्वागत है।
विशेष - यदि कोई भगवान श्री कृष्ण के प्रति भक्ति भाव एवं श्री मद् भगवद् गीता सुनने की जिज्ञासा-इच्छा रखते हैं तथा किन्हीं कारणों से व्यवस्था-सहयोग राशि न दे पा रहे हों तो अखण्ड गीता पीठ कुरुक्षेत्र या दिये हुए सम्पर्क सूत्रों से सम्पर्क करें। सहयोग राशि को लेकर गीता-सत्संग से वंचित न रहें। आपकी व्यवस्था जरूर होगी।